
शराक
शराक बनते देखना एक छोटा-सा तमाशा है। आटे की एक लोई को खींचा, पलटा और एक हाथ से दूसरे हाथ उछाला जाता है जब तक वह चौड़ी और लगभग पारदर्शी न हो जाए, फिर उसे धातु के गर्म गुंबद पर डाला जाता है, जहाँ वह पलों में सिक जाती है। नतीजा होता है हल्के सिके स्वाद वाली नरम, पतली रोटी, जो जॉर्डन की परंपरा के केंद्र में है।
उत्पत्ति और कहानी
शराक जॉर्डन की सबसे पुरानी और सबसे पारंपरिक रोटियों में से एक है, जो बद्दू और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ी है। यह साज पर सेंकी जाती है — आग पर रखा घुमावदार धातु का गुंबद, जिसे आसानी से साथ ले जाया जा सकता था और जो भी ईंधन मिले उससे गर्म किया जा सकता था। इससे यह अपने रेवड़ों के साथ घूमने वाले लोगों के लिए आदर्श थी। साज पर सेंकी जाने वाली ऐसी ही पतली रोटियाँ पूरे लेवांत में अलग-अलग नामों से जानी जाती हैं। जॉर्डन में शराक का ख़ास स्थान है, क्योंकि यह राष्ट्रीय व्यंजन मनसफ़ का ज़रूरी हिस्सा है।
सामग्री और बनाने का तरीक़ा
आटा सादा होता है: मैदा या आटा, पानी और नमक, कभी-कभी थोड़े ख़मीर के साथ। इसे चिकना और लचीला होने तक गूँधकर रखा जाता है, जिससे इसे खींचना आसान हो जाता है। फिर रोटी बनाने वाला लोई को चपटा करके हाथ से खींचता है, अक्सर हवा में उछालकर या बाँहों के बीच पलटकर, जब तक वह बहुत बड़ी, पतली चादर न बन जाए।
इस चादर को सावधानी से गुंबद वाले साज पर डाला जाता है, जो लकड़ी, गैस या कोयले पर गर्म किया गया होता है। रोटी इतनी पतली होती है कि एक मिनट से भी कम में सिक जाती है और उस पर हल्के भूरे धब्बे आ जाते हैं। फिर उसे उतारकर मोड़ा और एक के ऊपर एक रखा जाता है। अच्छी शराक बनाने में बरसों का अभ्यास लगता है, और कई परिवारों में यह हुनर माँओं और दादियों-नानियों से आगे बढ़ता आया है।
कैसे और कब खाई जाती है
शराक के कई इस्तेमाल हैं। मनसफ़ के लिए इसकी चादरें परोसने की थाली के तले में बिछाई जाती हैं और चावल व मांस डालने से पहले जमीद की चटनी से भिगोई जाती हैं, और खाने वाले नरम हुई रोटी बाक़ी व्यंजन के साथ खाते हैं। इसका इस्तेमाल खाना लपेटने, डिप और सालन उठाने और रोज़ की रोटी के रूप में भी होता है। बहुत से लोग इसे ताज़ी और गर्म पसंद करते हैं, बस जैतून का तेल लगाकर और ज़ातर छिड़ककर, या झटपट नाश्ते के लिए सफ़ेद पनीर पर लपेटकर।
जॉर्डन में कहाँ चखें
शराक जॉर्डन के कई हिस्सों में बेकरियों और सड़क किनारे रोटी के छोटे ठेलों पर बिकती है, और स्थानीय बाज़ारों में आम है, ख़ासकर ग्रामीण इलाक़ों और छोटे क़स्बों में। कुछ पारंपरिक रेस्तराँ और बद्दू कैंपों में आप इसे साज पर सिकते देख सकते हैं और सीधे आँच से उतरते ही चख सकते हैं। मनसफ़ ऑर्डर करने पर आम तौर पर शराक चावल के नीचे छिपी मिलेगी। ताज़ी शराक जल्दी सूख जाती है, इसलिए इसे उसी दिन खाना सबसे अच्छा है जिस दिन यह बनी हो।
मिलते-जुलते व्यंजन
शराक मनसफ़ से अलग नहीं की जा सकती, और एक बार इसे ताज़ा चख लेने के बाद आप उस व्यंजन में इसकी भूमिका की और भी क़द्र करेंगे। गर्म पत्थरों पर सेंकी जाने वाली मोटी तबून रोटी मुसख़्ख़न का पारंपरिक आधार है। ज़ातर या पनीर वाली चपटी रोटियाँ, मनाक़ीश, बेकरी की एक और पसंदीदा चीज़ हैं। जैतून के तेल और ज़ातर के साथ ताज़ी शराक जॉर्डनी नाश्ते के सबसे सादे सुखों में से एक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शराक रोटी क्या है?
शराक जॉर्डन की एक पारंपरिक चपटी रोटी है जो बहुत बड़ी और काग़ज़ जैसी पतली होती है। आटे को हाथ से लगभग पारदर्शी होने तक खींचा जाता है और फिर साज पर सेंका जाता है — आग पर गर्म किया जाने वाला घुमावदार धातु का गुंबद। यह एक मिनट से कम में सिक जाती है और नरम, हल्की और थोड़ी सिकी हुई होती है। यह मनसफ़ का ज़रूरी हिस्सा है।
साज क्या है?
साज धातु का उत्तल गुंबद है, कुछ-कुछ उलटी कड़ाही जैसा, जिसे लकड़ी, कोयले या गैस की आग पर गर्म किया जाता है। शराक जैसी पतली रोटियाँ इसकी गर्म सतह पर डालकर बहुत जल्दी सेंकी जाती हैं। साज ले जाने में आसान और सादा है, जिसने इसे पूरे इलाक़े के बद्दू और ग्रामीण घरों के लिए आदर्श बनाया।
क्या शराक और मरकूक एक ही हैं?
ये बहुत मिलती-जुलती हैं। मरकूक वह नाम है जो लेबनान और सीरिया में साज पर सेंकी जाने वाली पतली रोटी के लिए अक्सर इस्तेमाल होता है, जबकि जॉर्डन में आम नाम शराक है। बनाने के तरीक़े, मोटाई और आकार हर रोटी बनाने वाले के साथ बदल सकते हैं, लेकिन दोनों पूरे लेवांत में साझा साज की पतली रोटियों के एक ही परिवार से हैं।
क्या शराक वीगन है?
हाँ, अपने पारंपरिक रूप में। शराक आम तौर पर सिर्फ़ आटे, पानी और नमक से बनती है, कुछ रेसिपी में थोड़े ख़मीर के साथ, इसलिए इसमें कोई पशु उत्पाद नहीं होता। कुछ रोटी बनाने वाले इस पर तेल लगा सकते हैं या दूसरी चीज़ें डाल सकते हैं, इसलिए पक्का होना हो तो पूछ लें। इसमें गेहूँ और ग्लूटेन ज़रूर होता है।
जानने के लिए और व्यंजन

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जमीद
